
अजीत मिश्रा (खोजी)
😇बस्ती: भ्रष्टाचार की ‘काली राख’ बनी PWD की नई सड़क, हाथ लगाते ही उखड़ रहा विकास का मुखौटा।😇
🙈”वीडियो ने खोली पोल: मिर्जापुर–सुअरहा मार्ग बना लूट का अड्डा, सरकारी खजाने पर डकैती!”
🙈”बस्ती में ‘जीरो टॉलरेंस’ को ठेंगा: भ्रष्टाचार के नंगे नाच पर PWD के जिम्मेदार मौन, जनता में आक्रोश!”
🙈”कुदरहा कांड: सड़क के नाम पर जनता से धोखा, भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ी नई पिच!”
ब्यूरो रिपोर्ट: बस्ती मंडल, उत्तर प्रदेश
बस्ती। जनपद के कुदरहा विकास खंड में भ्रष्टाचार का ऐसा नंगा नाच देखने को मिल रहा है, जिसने सरकारी दावों की धज्जियां उड़ा कर रख दी हैं। मिर्जापुर-सुअरहा मार्ग पर प्रांतीय खंड PWD विभाग द्वारा बनाई जा रही नई नवेली सड़क जनता के लिए सुविधा नहीं, बल्कि विभाग और ठेकेदारों की ‘अवैध कमाई’ का जरिया बन गई है। आलम यह है कि सड़क बनने के कुछ ही घंटों बाद ताश के पत्तों की तरह बिखरने लगी है।
✍️सड़क है या काली पुताई?
सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे एक वीडियो ने विभाग की पोल खोल दी है। वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि ग्रामीण जैसे ही सड़क पर हाथ लगाते हैं, डामर और गिट्टी उखड़कर हाथ में आ जा रही है। ऐसा प्रतीत होता है मानो डामर की जगह केवल ‘थूक’ का इस्तेमाल किया गया हो या फिर राख की एक पतली परत बिछा दी गई हो। ग्रामीणों का आरोप है कि ठेकेदार और विभाग के अधिकारियों ने मिलकर जनता की गाढ़ी कमाई का बंदरबांट कर लिया है।
✍️जेई की ढिठाई: ‘सब चंगा है’ का राग
हैरानी की बात तो यह है कि एक तरफ सड़क अपनी बदहाली पर आंसू बहा रही है, वहीं दूसरी तरफ विभाग के जिम्मेदार जेई (JE) अपनी अंधेरगर्दी और ढिठाई पर अड़े हुए हैं। ग्रामीणों के विरोध के बावजूद विभाग का कहना है कि ‘काम सही हो रहा है और कहीं कोई दिक्कत नहीं है।’ यह बयान भ्रष्टाचार की उस जड़ को दर्शाता है जो PWD विभाग में गहराई तक धंसी हुई है। क्या विभाग के लिए भ्रष्टाचार का यह नंगा खेल ही ‘सही काम’ है?
✍️कमीशनखोरी की भेंट चढ़ा विकास
मिर्जापुर-सुअरहा मार्ग अब PWD की लूट का खुला अड्डा बन चुका है। उद्घाटन से पहले ही सड़क का ‘शहीद’ हो जाना यह साबित करता है कि गुणवत्ता के नाम पर यहां केवल धोखा परोसा गया है। कमीशनखोरी के चक्कर में जनता के भरोसे का कत्ल किया गया है।
🔥डीएम साहब जागिए! जनता पूछ रही सवाल
कुदरहा की जनता अब शासन और प्रशासन से सवाल पूछ रही है। क्या मुख्यमंत्री जी के ‘जीरो टॉलरेंस’ की नीति का बस्ती में यही हश्र होगा? वायरल वीडियो ने भ्रष्टाचार के मुंह पर करारा तमाचा मारा है। अब देखना यह है कि क्या जिला प्रशासन इन भ्रष्ट अधिकारियों और ठेकेदारों पर नकेल कसेगा या फिर जांच के नाम पर मामले को रफा-दफा कर दिया जाएगा।
“यह सड़क नहीं, धोखा है!”
“हम सालों से इस सड़क का इंतजार कर रहे थे, लेकिन PWD ने हमें विकास के नाम पर भ्रष्टाचार का जहर दिया है। अगर हाथ से सड़क उखड़ रही है, तो पहली बारिश में इसका क्या होगा? हम इसकी शिकायत मुख्यमंत्री पोर्टल (IGRS) पर करेंगे।”— क्षेत्रीय ग्रामीण
🙊शर्म करो विभाग! सड़क नहीं, यह जनता के पसीने की कमाई की लूट है।🙊



















